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जज्बे से मिली जीत की राह...

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जीवन में आगे बढ़ने के लिए सार्थक प्रयास करने की अपेक्षा बहुत से लोग अनुकूल समय की प्रतीक्षा में ही अपना समय नष्ट कर देते हैं। इसके विपरीत जो लोग प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जीवटता का परिचय देकर पूरी तन्मयता से कर्मशील रहकर अपने कार्य क्षेत्र में जुटे रहते हैं एक दिन सफलता उन्हीं के कदम चूमती है। पानीपत जिले के गांव बांध के  निवासी संदीप सभ्रवाल ने भी  अपनी अथक मेहनत के बूते कुश्ती और बॉडी बिल्डिंग के खेल में अपनी अलग पहचान कायम की  है। दरअसल 24 वर्षीय संदीप सभ्रवाल का रुझान बचपन से ही खेलों  की तरफ रहा है। शुरुआती दौर में संदीप ने गांव के ही आखड़े में कुश्ती  के दांव-पेंच सीखना शुरू किया था। दिन में कई-कई घंटे कुश्ती के अथक अभ्यास से संदीप जल्द ही इस खेल में दक्ष हो गए।इसके बाद संदीप ने दिल्ली के चंदगीराम अखाड़े में भी कई बड़े पहलवानों से कुश्ती के नए नए गुर सीखे।इनकी मेहनत तब रंग लाई जब इन्होंने अप्रैल 2015 में झारखंड में आयोजित हुई नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल जीता। इसके बाद संदीप  ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने  हरफनमौला प्रदर्शन क...